Meet the Karachi policewoman who foiled terrorist assault on chinese consulate

Suhai Aziz Talpur did not desire a 'stupid' profession just like the one among a CA. She chose to the join the police and at present led a workforce that foiled a terrorist assault in Karachi

When three suicide bombers targetted the chinese consulate in Karachi, Pakistan this morning, policemen have been rapid to respond to the problem and discontinue them before they would enter the constructing. The staff gunned down the terrorists in a close-fought stumble upon and the person main this operation was once a girl -- Assistant Superintendent of Police (ASP) Suhai Aziz Talpur.

according to Pakistan's Geo television, Suhaee Aziz was the primary to react to the reviews of gunshots and explosions near the chinese language consulate in the upscale Clifton field.

The explosion used to be heard round 9.30 in the morning and Suhai was the first to reach the spot. She led the team and managed to kill the entire three terrorists in a two-hour long encounter. Two policemen had been additionally killed in the assault.

Suhai Aziz is the primary girl ASP from scale down Sindh. Later, Sindh chief minister also praised the braveheart. "Suhaee Aziz, you may have set an instance of bravery. These are the ladies who're forward of every person," CM Murad Ali Shah used to be quoted as saying by Geo television.

people on Twitter additionally favored her act, calling her an thought.

"Who says ladies are vulnerable. girl ASP Suhaee Aziz performed major function in present day CT operation by way of Karachi police. She immediately reached the spot and rapidly spoke back to terrorists. good finished!" wrote Khalid Farooq, Inspector normal of Punjab Police.

was once SHUNNED by way of loved ones

Suhai Aziz Talpur grew to be the primary woman from cut back Sindh to join the police ASP rank in 2013. In an interview to a Pakistan daily, she had published how her spouse and children had shunned her and her parents considering she was once getting an schooling.

"When my moms and dads decided to enrol me at a tuition, most of our relatives began taunting my family. a lot so, that my family needed to go away our village and transfer to a neighborhood town," she had said.

"however the second I cleared my central advanced services [CSS] exams and was once informed that i might be joining the police division as an ASP, the equal people who taunted us started coming near me through claiming to be my lengthy-misplaced household. that is the vigor of education and being a feminine, i am proud to have this vigor," she was quoted as announcing in a facebook post shared by way of UN ladies Pakistan in 2017.

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पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री ने जेएनयू कैम्पस में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने आज नई दिल्‍ली में जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बनाये जाने वाले छात्रावास की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार और विभिन्‍न संबंधित विभागों के प्रतिनिधिगण भी इस बैठक में उपस्थित थे। बाद में डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने जेएनयू कैम्‍पस में बनाये जाने वाले इस छात्रावास की इमारत के निर्माण स्‍थल का अवलोकन भी किया। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने ही पिछले वर्ष इस छात्रावास की आधारशिला रखी थी।

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) इस छात्रावास के निर्माण के लिए शत-प्रतिशत धनराशि मुहैया करा रही है। इस परियोजना के लिए अनुमानित बजट लगभग 28.30 करोड़ रुपये है। इस छात्रावास में 224 कमरे होंगे और इनमें कुल मिलाकर 424 छात्र रह सकेंगे। कुल 224 कमरों में से 24 कमरे दिव्‍यांग विद्या‍र्थियों के लिए निर्धारित या आवंटित किये जायेंगे। शेष कमरे समान संख्‍या में छात्रों एवं छात्राओं अर्थात 200 छात्रों एवं 200 छात्राओं के लिए आवंटित किये जायेंगे। यह 4 मंजिला छात्रावास लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में निर्मित किया जाएगा।

डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का विकास प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार की प्राथमिकता रहा है। इस अवसर पर उन्‍होंने अन्‍य परियोजनाओं का भी उल्‍लेख किया जिनमें बेंगलुरू विश्‍वविद्यालय में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण करना और नई दिल्‍ली स्थित द्वारका में पूर्वोत्‍तर सांस्‍कृतिक एवं सूचना केन्‍द्र की स्‍थापना करना भी शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के विद्यार्थियों को देश के अन्‍य हिस्‍सों में निवास करने के दौरान अनेक समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है, अत: इस तरह के छात्रावासों के निर्माण से उन्‍हें अपने अध्‍ययन को सुचारू ढंग से जारी रखने में मदद मिलेगी। डा. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि देश के अन्‍य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इस छात्रावास में समायोजित किया जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे से घुल-मिल सकें और उनके बीच सदभाव विकसित हो सके। मंत्री महोदय ने संबंधित विभागों से इस परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने और समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य पूरा करने को कहा है।


जेएनयू के कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार ने कहा कि जेएनयू में 8500 से अधिक विद्यार्थी हैं जिनमें से लगभग 10 प्र‍तिशत विद्यार्थी पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के हैं। उन्‍होंने कहा कि जेएनयू के परिसर में इन विद्यार्थियों के लिए छात्रावास के निर्माण की दिशा में कार्य प्रगति पर है और वन विभाग एवं दिल्‍ली शहरी कला आयोग सहित विभिन्‍न विभागों से मंजूरियां प्राप्‍त की जा रही हैं। उन्‍होंने कहा कि निर्माण कार्य के अगले 1-2 महीनों में शुरू हो जाने की संभावना है।  

वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल 2018 रिकॉर्ड 2.75 करोड़ रूपये की बिक्री तथा रिकॉर्ड 12 लाख आगंतुकों के साथ समाप्‍त हुआ

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ‘’ वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल 2018’’ का पांचवा संस्‍करण 4 नवंबर, 2018 (रविवार) की रात्रि में समाप्‍त हुआ। इसे जनपथ स्थित इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र में आयोजित किया गया था। इन 10 दिनों में पूरे देश से आई महिला किसानों और उद्यमियों ने विभिन्‍न किस्‍मों के जैविक उत्‍पादों का  प्रदर्शन किया। इसमें खाद्य पदार्थ से लेकर वस्‍त्र, स्‍वास्‍थ्‍य व सौन्‍दर्य प्रसाधन शामिल आदि थे।
26 राज्‍यों से आए महिला किसानों एवं उद्यमियों ने इस वर्ष 2.75 करोड़ रूपये की रिकॉर्ड बिक्री की। पिछले वर्ष यह फेस्टिवल दिल्‍ली हाट, आईएनए, नई दिल्‍ली में आयोजित किया गया था जहां उत्‍पादों की बिक्री 1.84 करोड़ रूपये की रही थी। रिकॉर्ड 12 लाख लोग इस प्रदर्शनी को देखने आए। इस आयोजन की सफलता ने मजूली, कांगड़ा, लेह, पलक्‍कड़, चिकमंगलूर, यवतमाल, दीमापुर, अलमोड़ा आदि जगहों से आए महिला किसानों को उत्‍साहित किया है। कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों व उद्यमियों को यात्रा करने तथा दिल्‍ली में ठहरने की नि:शुल्‍क व्‍यवस्‍था की गई थी। इस वर्ष वेजन फूड का स्‍टॉल लगाया गया था जिसे आगंतुकों ने बहुत पसंद किया।
वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल 2018 का उदघाटन 26 अक्‍टूबर, 2018 को केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी द्वारा किया गया था।
मुंबई की महिला उद्यमी सुश्री अनामिका ने बांस के टूथब्रश और स्‍टील के स्‍ट्रा का प्रदर्शन किया था। उन्‍होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रियाएं उत्‍साहवर्धक है। पंजाब की महिला किसान सुश्री सरबजीत कौर ने कहा कि वे पहली बार यहां आई हैं और विभिन्‍न किस्‍मों के जैविक अनाजों के प्रति लोगों के रूझान को देखकर प्रसन्‍न है। उन्‍होंने ऐसा अवसर प्रदान करने के लिए महिला व बाल विकास मंत्रालय को धन्‍यवाद दिया। तमिलनाडु से आई सुश्री अपर्णा के स्‍टॉल में चावल की 30 से ज्‍यादा किस्‍में थी जिसे तमिलनाडु, केरल, मणिपुर, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल राज्‍यों से संग्रह किया गया था। मणिपुर के चखाओ पोईरीटन तथा पश्चिम बंगाल के गोविंद भोग चावल को  लोगों ने बहुत पसंद किया।      

वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल 2018 के प्रतिनिधियों को महिला ई-हाट में पंजीकरण का अवसर दिया गया है। इस पोर्टल का निर्माण महिला व बाल विकास मंत्रालय ने किया है। यह पोर्टल, फेस्टिवल, 2018 के बाद भी महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में सहायता प्रदान करेगा

तीन दिन के भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018 का समापन: नवीनतम और सर्वश्रेष्ठ डिजिटल संचार प्रौद्योगिकियां, उत्पाद, सेवाएं और एप्लीकेशन यहां प्रदर्शित की गईं; देश में डिजिटल संचार क्षेत्र के लिए भविष्य की सीमाओं की स्थापना: श्री मनोज सिन्हा

तेज़ी से विकसित हो रहे डिजिटल संचार क्षेत्र के उत्साहजनक भविष्य की झलक दिखाने वाले बड़े आयोजन 'भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018' (आईएमसी) का आज समापन हो गया, जहां प्रतिभागियों और आयोजकों ने वादा किया कि वे अगले साल फिर लौटेंगे। इस साल के आयोजन का विषय "नए डिजिटल क्षितिज - जुड़ाव, सृजन और नवीनता" रखा गया जिसने भारतीय मोबाइल कांग्रेस को डिजिटल संचार क्षेत्र के वैश्विक और स्थानीय साझेदारों के लिए एक नियमित मंच के तौर पर स्थापित किया जहां वे दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया पर विशेष ध्यान देते हुए अवसर तलाशने और संभावनाओं का लाभ लेने के लिए साथ सहयोग कर सकें।

संचार राज्या मंत्री (स्वकतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हाश ने भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018 के अंतिम दिन मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा - "इस साल बार्सेलोना में विश्व मोबाइल कांग्रेस में हिस्सा लेने के बाद मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि अपने तत्व, दायरे और स्टाइल में भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018 कहीं से भी कम नहीं है। भारतीय मोबाइल कांग्रेस सिर्फ दो वर्ष का शिशु है लेकिन इतने समय में ही इसने अपना खुद का व्यक्तित्व बना लिया है। अब हर किसी के कैलेंडर में ये एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन होगा।"

तीन दिनों के इस बड़े कार्यक्रम का उद्घाटन 25 अक्टूबर को केन्द्रीलय वाणिज्यश एंव उद्योग तथा नागर विमानन मंत्री श्री सुरेश प्रभु, केंद्रीय विधि एवं न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद, आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा ने किया। उद्घाटन कार्यक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी, आदित्य बिरला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला और भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल जैसे दूरसंचार उद्योग के जाने-माने लोग भी मौजूद थे।

भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018 सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन 50,000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा बड़े क्षेत्र में किया गया जहां 5,000 से भी ज्यादा प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में 20 देशों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और 300 से ज्यादा कंपनियों ने अपनी नवीनतम और सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों, उत्पादों, सेवाओं और एप्लीकेशनों को प्रदर्शित किया। आयोजकों के मुताबिक 50,000 से भी ज्यादा उत्सुक आगंतुकों ने विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया और प्रदर्शनी में स्टॉलों पर लगाए गए भविष्य के उपायों को देखा।

इस बार के भारतीय मोबाइल कांग्रेस में एक बेहद प्रासंगिक संयोजन कई आसियान और बिमस्टेक देशों से आए उच्च स्तरीय मंत्रीमंडलीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति का भी रहा। यूरोपीय आयोग, कंबोडिया, म्यांमार, नेपाल और लाओस के माननीय मंत्रीगणों ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करते हुए ऐसे विस्तृत सत्रों में हिस्सा लिया जो इन क्षेत्रीय मंचों के सदस्य देशों पर लागू होने वाले अवसरों, चुनौतियों और विशेष ज़रूरतों पर केंद्रित थे। उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति ने उनके लिए अपने भारतीय समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के अवसर भी प्रदान किए जहां पारस्परिक लाभ के विषयों पर बातें की गईं और आपसी सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं को टटोला गया।

वे कंपनियां जिनकी भागीदारी ने भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018 को सफल बनाने में योगदान दिया उनमें सैमसंग, इंटेल, एरिकसन, नोकिया, सिस्को, एनईसी, एक्सेंचर, केपीएमजी, ईएंडवाई, फेसबुक, हुवावेई, स्टरलाइट, वोडाफोन, आइडिया, रिलायंस जियो, एयरटेल और बीएसएनएल जैसी स्थानीय और वैश्विक दिग्गज कंपनियां शामिल थीं। इन कंपनियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों ने रुचिकर आगंतुकों की भीड़ को आकर्षित किया, वहीं इन कंपनियों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने कई विस्तृत सत्रों में हिस्सा लेते हुए यहां हो रहे विमर्श को समृद्ध किया। यहां प्रदर्शनी में लगे स्टॉलों में कई रोचक संभावनाओं का दायरा पार किया गया। इनमें 5जी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रिएलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, स्मार्ट सिटी सॉल्यूशंस, फिनटेक, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, स्वचालित कारें और साइबर सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे।

भारतीय मोबाइल कांग्रेस के इस संस्करण में एक रोचक हिस्सा, बेहद महत्वपूर्ण स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र पर दिया गया विशेष ध्यान भी था। इस आयोजन में 200 से ज्यादा स्टार्ट-अप ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। उनके मंडपों पर ऐसे विचार और नवाचार प्रदर्शित थे कि जिनके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एकीकृत सेवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, दवा, सुरक्षा, भोजन, खेल, सोशल नेटवर्किंग, यात्रा, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से बदल रही उपभोक्ता आवश्यकताओं को पैदा करने और उनकी पूर्ति करने में डिजिटल संचार की संभावना का लाभ लिया जा सके। जैसे कि श्री मनोज सिन्हा ने भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2018 में आज एक साथ 250 स्टार्ट-अप एप्लीकेशन की रिलीज का उद्घाटन करते हुए कहा, "मैं यहां इनकी जो तादाद और गुणवत्ता देख रहा हूं वो अद्भुत है। क्या पता शायद हम अभी भविष्य के वॉट्सएप और गूगल मैप्स को ही रिलीज कर रहे हों।"

ये आयोजन उल्लेखनीय इस लिहाज से भी रहा कि यहां कुछ ऐसी बेहद महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं जिन्होंने बहुत ही स्पष्ट तौर पर भारतीय डिजिटल संचार उद्योग की अगले कई वर्षों की दिशा निर्धारित कर दी। भारत सरकार ने संचार उद्योग द्वारा दिसंबर 2019 तक देश में 10 लाख वाईफाई हॉटस्पॉट लगाने की प्रतिबद्धता की घोषणा की। इस आयोजन में राष्ट्रीय फ्रीक्वेंसी आवंटन योजना (एनएफएपी) का उद्घाटन भी किया। एनएफएपी-2018 में दरअसल वाईफाई सेवाओं के लिए 5-गीगाहर्ट्ज बैंड में कुल 605 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खुला किया जाना है। कम दूरी के उपकरणों और अल्ट्रा वाइड बैंड उपकरणों के लिए कई स्पेक्ट्रम बैंडों को लाइसेंस मुक्त कर दिया गया है जिसका फायदा जनता के साथ साथ इस उद्योग को भी होगा। भारत सरकार में दूरसंचार आयोग की अध्यक्ष एवं सचिव (दूरसंचार) श्रीमती अरुणा सुंदरराजन ने इस मौके पर कहा, "इन पहलों के जरिए 'सभी के लिए ब्रॉडबैंड' जैसे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शानदार आधार मिलता है जिन्हें हाल ही में जारी की गई राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 में रेखांकित किया गया है।"

संचार राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आखिर में कहा, "माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार डिजिटल संचार को हमारे राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे का केंद्रीय हिस्सा बनाने को लेकर प्रतिबद्ध बनी हुई है। हमने यहां पर जिन पहलों और सुधारों की घोषणा की है उनसे रोजगार निर्माण और डिजिटल आर्थिक गतिविधियों में मजबूत तेजी लाने में मदद मिलेगी, खासकर देश के ग्रामीण और अर्द्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में। उद्योगों, शैक्षणिक समुदायों, नियामकों और स्टार्ट-अपों के साथ भागीदारी में अपने प्रयासों को सफल बनाने को लेकर हम प्रतिबद्ध हैं।"


श्री मनोज सिन्हा ने इस सर्वोत्कृष्ट श्रेणी के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने और उसे सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए दूरसंचार विभाग और भारतीय सेलुलर ऑपरेटर संघ को शुक्रिया अदा किया।